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राजस्थान का एकीकरण | Rajasthan ka Ekikaran

राजस्थान का एकीकरण-





राजस्थान के एकीकरण का श्रेय सरदार वल्लभभाई पटेल को दिया जाता है। राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में पूरा हुआ राजस्थान का एकीकरण 18 मार्च 1948 से शुरू होकर 1 नवंबर 1956 को पूरा हुआ इसमें 8 वर्ष 7 माह 14 दिन लगे। आजादी से पहले राजस्थान को राजपूताना के नाम से जाना जाता है। जार्ज थॉमस ने साल 1800 ईसा में 'राजपूताना' नाम दिया था। कर्नल जेम्स टॉड ने 1829 ईसा में अपनी पुस्तक 'द एनाल्स एंड एक्टीविटीज ऑफ राजस्थान' में किया। कर्नल जेम्स टॉड ने राजस्थान को दी सेन्ट्रल वेस्टर्न राजपूत स्टेट्स ऑफ इंडिया कहा है। आजादी के समय राजस्थान में 19 रियासते की 3 ठिकाने और 1 केंद्र शासित प्रदेश अजमेर-मेरवाड़ा था।

ठिकाने – लावा, कुशलगढ़, नीमराना ठिकाना।


राजस्थान के एकीकरण के चरण-

• एकीकरण की प्रक्रिया में शामिल होने वाली पहली रियासत अलवर और अंतिम रियासत सिरोही अजमेर मेरवाड़ा क्षेत्र थे।
• राजस्थान में सबसे पुरानी रियासत मेवाड़ और सबसे नई रियासत झालावाड़ थी।
• क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी रियासत जोधपुर और सबसे छोटी शाहपुरा थी राजस्थान की एकमात्र मुस्लिम रियासत टोंक थी।

प्रथम चरण – मत्स्य संघ-

तिथि – 18 मार्च 1948

सम्मिलित रियासतें एवं ठिकाने – अलवर भरतपुर धौलपुर करौली नीमराना ठिकाना।

राजधानी- अलवर

उद्घाटनकर्ता – एन. वी. गाडगिल

प्रधानमंत्री – शोभाराम कुमावत (अलवर से)

राजप्रमुख – उदयभान सिंह (धौलपुर शासक)

नामकरण – के. एम्. मुंशी


द्वितीय चरण – पूर्व राजस्थान संघ


तिथि – 25 मार्च 1948

सम्मिलित रियासतें एवं ठिकाने – टोंक (ठिकाना—लावा), बूंदी, कोटा, झालावाड़, शाहगढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा (ठिकाना—कुशलगढ़) और किशनगढ़।

उद्घाटनकर्ता – एन. वी. गाडगिल

प्रधानमंत्री – गोकुल लाल ओसवा (शाहपुरा)

राजप्रमुख – भीम सिंह (कोटा)

उपराजप्रमुख – बहादुरसिंह (बूंदी)


तृतीय चरण – संयुक्त राजस्थान

तिथि – 18 अप्रैल 1948

सम्मिलित रियासत – उदयपुर रियासत

राजधानी – उदयपुर

उद्घाटनकर्ता – पं. जवाहर लाल नेहरु

प्रधानमंत्री – माणिक्यलाल वर्मा (उदयपुर)

राजप्रमुख – भूपाल सिंह (उदयपुर)

उपराजप्रमुख – भीम सिंह (कोटा)

चतुर्थ चरण – वृहत राजस्थान

तिथि – 30 मार्च 1949

सम्मिलित रियासतें एवं ठिकाने – संयुक्त राजस्थान में जयपुर जोधपुर जैसलमेर बीकानेर रियासतें शामिल।

राजधानी – जयपुर

उद्घाटनकर्ता – सरदार वल्लभ भाई पटेल

प्रधानमंत्री – हीरालाल शास्त्री (जयपुर)

महाराजप्रमुख – भूपाल सिंह (उदयपुर)

राजप्रमुख – मानसिंह दितीय (जयपुर)

उपराजप्रमुख – भीम सिंह (कोटा)


पंचम चरण – संयुक्त वृहत राजस्थान

तिथि – 15 मई 1949

सम्मिलित रियासतें एवं ठिकाने – वृहत राजस्थान में मत्स्य संघ शामिल।

राजधानी – जयपुर

सम्मलित रियासतें – वृहद राजस्थान और मत्स्य संघ

प्रथम मुख्यमंत्री – हीरा लाल शास्त्री

राजप्रमुख – मानसिंह दितीय (जयपुर)


षष्ठम चरण – राजस्थान संघ

तिथि – 26 जनवरी 1950

सम्मिलित रियासतें एवं ठिकाने – संयुक्त वृहद राजस्थान एवं सिरोही राजस्थान में शामिल।

आज ही के दिन इस भौगोलिक क्षेत्र को आधिकारिक राजस्थान नाम मिला।

राजधानी – जयपुर

मुख्यमंत्री – हीरा लाल शास्त्री

राजप्रमुख – मानसिंह दितीय (जयपुर)

सप्तम चरण – राजस्थान

तिथि – 01 नवम्बर 1956

अजमेर-मेरवाड़ा, आबू-देलवाड़ा व मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले का सुनील टप्पा गाँव राजस्थान में शामिल।

सिरोंज उपखण्ड मध्यप्रदेश को दिया गया।

राजधानी – जयपुर

मुख्यमंत्री – मोहन लाल सुखाडिया

प्रथम राज्यपाल – गुरुमुख निहालसिंह

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